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Zindagi Shayari : Khud Garj Na Samajh Lena

Zindagi Shayari : Khud Garj Na Samajh Lena

Zindagi Shayari
Zindagi Shayari

मैंने जिन्दगी से पूछा,
सबको इतना दर्द क्यों देती हो..?
जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया,
मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हूँ,
पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है।

किसी रोज़ याद न कर पाऊं तो खुदगर्ज़ न समझ लेना दोस्तों,
दरसल छोटी सी इस उम्र में परेशानिया बहुत हैं।

मैं भूला नहीं हूँ किसी को मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं ज़माने में,
बस थोड़ी ज़िन्दगी उलझ पड़ी है दो वक़्त की रोटी कमाने में।

हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना,
बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,
यार ज़िन्दगी तो बीत जायेगी,
बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना।

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