Romantic Shayari : Sirf Isharo Me Hoti Mohabbat Agar
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| Romantic Shayari in Hindi |
सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर,
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता,
बस पत्थर बन के रह जाता ताज महल,
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता।
तराशा है उनको बड़ी फुर्सत से,
जुल्फे जो उनकी बादल की याद दिला दे,
नज़र भर देख ले जो वोह किसी को,
नेकदिल इंसान की भी नियत बिगड़ जाए।
वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में हैं,उससे जुबां पर लाओ और बयां कर दो,आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ,हम बस सुनें ऐसे बे-ज़ुबान कर दो।
प्यार मोहब्बत आशिकी,
ये बस अल्फाज थे,
मगर.. जब तुम मिले,
तब इन अल्फाजो को मायने मिले।
मेरी यादो मे तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे खयालो मे तुम हो, या मेरा खयाल ही तुम हो,
दिल मेरा धडक के पूछे, बार बार एक ही बात,
मेरी जान मे तुम हो, या मेरी जान ही तुम हो।
मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है,तब तुझे माँगी और तेरी वफ़ा माँगी है,जिस प्यार को देख के दुनियावाले जला करते है,तेरी मोहब्बत करने की वो प्यारी सी अदा माँगी है।
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