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| Life Shayar in Hindi |
नदी जब किनारा छोड़ देती है,
तब राह की चट्टान तक तोड़ देती है,
बात छोटी सी भी अगर चुभ जाए दिल में,
तो जिंदगी के रास्तों को मोड़ देती है।
नदी जब किनारा छोर देती हैं,
राह की चट्टान तक तोर देती हैं,
बात छोटी सी अगर चुभ जाए दिल में तो,
जिंदगी के रास्तों को भी मोर देती हैं।
कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों के लिए तुने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछोना मेरे पास,
पर तु ये बता, कितनी राते चैन से सोया है।
मैं भूली नहीं हूँ किसी को,
मेरे बहुत दोस्त है ज़माने में,
बस थोड़ी सी ज़िन्दगी उलझी पड़ी है,
दो वक़्त की रोटी कमाने में।
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