Hindi Shayari : Farq Hota Hain Khuda Aur Fakir Me
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फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में,
फर्क होता है किस्मत और लकीर में,
अगर कुछ चाहो और न मिले तो समझ लेना,
कि कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में।
चाहत वो नहीं जो जान देती है,चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है,ऐ दोस्त चाहत तो वो है,जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं।
उल्फत की जंजीर से डर लगता हैं,
कुछ अपनी ही तकदीर से डर लगता हैं,
जो जुदा करते हैं, किसी को किसी से,
हाथ की बस उसी लकीर से डर लगता हैं।
लगे है फोन जबसे तार भी नहीं आते,बूढी आँखों के अब मददगार भी नहीं आते,गए है जबसे शहर में कमाने को लड़के,हमारे गाँव में त्यौहार भी नहीं आते।
कागज़ की कश्ती से पार जाने की ना सोच,
चलते हुए तुफानो को हाथ में लाने की ना सोच,
दुनिया बड़ी बेदर्द है, इस से खिलवाड़ ना कर,
जहाँ तक मुनासिब हो, दिल बचाने की सोच।
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