Hindi Bewafa Shayari : Jis Din Band Kar Li Humne Aankhe
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| Hindi Bewafa Shayari |
लफ्ज ही होते हैं इंसान का आईना,
शक्ल का,
वो तो उम्र और हालात के साथ,
अक्सर बदल जाती हैं।
तकलीफो का कारवाँ इतनी धूम से निकला,
हर जख्म की आह पे आँखों से आँसू निकला,
बदन से रूह रुखसत हो सकी ना,
कहने को मेरी मय्यत पे सारा जहा साथ निकला।
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बैठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे।
तक़दीर लिखने वाले एक एहसान करदे,
मेरे दोस्त की तक़दीर मे एक और मुस्कान लिख दे,
न मिले कभी दर्द उनको,
तू चाहे तो उसकी किस्मत मे मेरी जान लिख दे।
जिस दिन बंद कर ली हमने आंखें,
कई आँखों से उस दिन आंसु बरसेंगे,
जो कहते हैं के बहुत तंग करते है हम,
वही हमारी एक शरारत को तरसेंगे।
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे।
गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके।
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