Hindi 2 Line Shayari : Na Jane Wo Kitni Naraj Hain Mujhse
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| Hindi 2 Line Shayari |
तेरे साथ के आगे जन्नत कुछ भी नहीं,
और तेरे साथ के सिवा मेरी कोई मन्नत भी नही।
ना जाने वो कितनी नाराज़ है मुझसे..
ख्वाब में भी मिलती है तो.. बात नहीं करती।
जी करता है तेरे संग भीगू मोहब्बत की बरसात मे,
और रब करे.. उसके बाद तुझे इश्क़ का बुखार हो जाए।
ग़लतफहमी में जीने का मज़ा कुछ और ही है..
वरना हकीकतें तो अक्सर रुला देती है।
अभी काँच हूँ इसलिए सबको चुभता हूँ,
जिस दिनआइना बन जाऊँगा, उस दिन पूरी दुनियाँ देखेगी।
कोई भी रिश्ता ना होने पर भी जो रिश्ता निभाता हैं,
वो रिश्ता एक दिन दिल की गहराइयों को छू जाता हैं।
सुनो मेरी जान तुम्हारा हाथ पकड़कर घूमने का,
दिल करता है, चाहे वो ख़्वाबों में हो या हक़ीक़त में।
शर्मा कर मत छुपा चहरे को पर्दे में,
हम चेहरे के नहीं, तेरी आवाज के दीवाने है।
दिल तोड़ना आज तक नही आया मुझे,
प्यार करना माँ से जो सिखा मेने।
बिछड़ के तुझ से किसी दूसरे पे मरना है,
ये तजरबा भी इसी ज़िंदगी में करना है।
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