यादें शायरी : बरसात तो थम जाती हैं पर यादें नहीं
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| Yadein Shayari in Hindi |
मिलते रहिए, हाल-चाल पूछते रहिए,
ना जाने कब कोई एक याद बन कर रह जाएँ।
ना जाने कब कोई एक याद बन कर रह जाएँ।
साथ भींगे बारिश में ये मुमकिन नहीं,
चलो भींगे यादो में तुम कहीं, मैं कहीं। ❤️️
चलो भींगे यादो में तुम कहीं, मैं कहीं। ❤️️
याद करता है कोई मुझे शिद्दत से,
जाता क्यों नही मेरा ये वहम मुद्दत से। 💔
जाता क्यों नही मेरा ये वहम मुद्दत से। 💔
कुछ बिखरी हुई यादों के क़िस्से भी बहुत थे,
कुछ उस ने भी बालों को खुला छोड़ दिया था।
कुछ उस ने भी बालों को खुला छोड़ दिया था।
जब भी कभी बीतें लम्हों की याद आएगी,
होंठ तो सी लेगें हम पर आँख तो भर आएगी।
होंठ तो सी लेगें हम पर आँख तो भर आएगी।
अब अपनी यादों की खुशबू भी हम से छीन लोगे क्या,
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।
किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो।
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