गजल : कलम की नोख पे कहानी रखी है
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| Hindi Gajal |
कलम की नोख पे कहानी रखी है,
मैंने इक ग़ज़ल तुम्हारे सानी रखी है..!
(सानी - सामने )
इन आँखों को अब क्या कहें हम,
दो प्यालों में शराब पुरानी रखी है..!
और कुछ नहीं मुझ शायर के पास,
तुम पे लुटाने को बस जवानी रखी है..!
तेरी इक तस्वीर है मेरी आँखों में,
और बस यही इक निशानी रखी है..!
क़ैस-ओ-कोहकन मिटे थे जिस पे,
तेरे हुस्न में वही अदा पुरानी रखी है..!
(क़ैस-ओ-कोहकन– मजनूँ और फरहाद)
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