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उदासी शायरी : फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ

उदासी शायरी : फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ 

ये आपका चेहरा है या प्याज के छिलके,
एक चेहरा उतारा तो सौ और चेहरे मिले। 😢
Sad Shayari in Hindi
Sad Shayari in Hindi

 फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ,

फिर से तेरे पते पर चिट्टी डाल बैठी हूँ। 💔
लिखते हैं सदा उन्ही के लिए,
जिन्होंने हमे कभी पढा ही नही। 😢
उसने भी मेरे कत्ल की साजिश में कोई कसर न छोड़ी,
जिसकी जिंदगी के वास्ते हर दरगाह पर जाकर दुआ की थी हमने।
तुम मूड में नहीं थे तो क्यू बनाया मुझे रब,
मिट्टी दुबारा गुथो और फिर से बनाओ मुझे। 😢
भूख घूम रही है शहर की हर सड़क पर,
लाल टीशर्ट ज़ोमेटो की पहन कर।
Udasi Shayari in Hindi
लोग बाज़ार मे आके बिक भी गये,
मेरी क़ीमत लगी की लगी रह गयी। 💔
वो जो कहते थे हम आपसे ही बात करते हैं,
वो ना जाने अब कितनों से बात करते हैं। 💔

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