Dard Shayari : Ab Bhi Taja Hain Jakhm Sine Me
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| Love Shayari |
अब भी ताज़ा हैं ज़ख्म सीने में,
बिन तेरे क्या रखा हैं जीने में,
हम तो ज़िंदा हैं तेरा साथ पाने को.
दुआ ये है मेरी की दर्द तुम्हारा कम हो जाये,
चाहे हर बार दर्द से मेरी आँखें नम हो जाये..!
सुनो...!!
तुम एक आखिरी दफा दीदार कर लो मेरा,
मैने सुना है की
चिता से उठ कर फीर मुर्दे नहीं आते है..!!
आंसूं पीते हैं प्यास बुझाने के लिये,
आग हमने ही लगायी थी खुद को जलाने के लिये,
इस जनम में तो मुमकिन नहीं,
और जनम लगेंगे आपको भुलाने के लिये..!
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