2 Line Shayari : Jinhe Sanso Ki Mahak Se Ishq Mahsus Na ho
जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते है,
जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं।
आज बता रहा हूँ नुस्खा-ए-मौहब्बत ज़रा गौर से सुनो,
न चाहत को हद से बढ़ाओ न इश्क़ को सर पे चढ़ाओ।
जिन्हें सांसो की महक से इश्क महसूस ना हो,
वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल को क्या समझेंगे।
बड़ी ख़ामोशी से गुज़र जाते हैं हम एक दूसरे के करीब से,
फिर भी कमबख्त दिलों का शोर सुनाई दे ही जाता है।
फूँक डालूँगा किसी रोज़ ये दिल की दुनिया,
ये तेरा ख़त तो नहीं है कि जला भी न सकूँ।
अगर नींद आ जाये तो सो भी लिया करो,
रातों को जगने से मोहब्बत लोटा नहीं करती।
मौत ने आँखें मिलाई थी कई बार मुझसे,
पर तेरा दीवाना किसी और पे मरता कैसे।
थक गया है चाहतों का वजुद अब कोई,
अच्छा भी लगे तो हम इजहार नही करते।
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