2 Line Shayari : Ho Sake To Mud Ke Dekh Lena
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| 2 Line Shayari |
हो सके तो मुड़ कर देख लेना जाते जाते,
तेरे आने के भरम में ज़िन्दगी गुज़ार लेंगे।
बेवफायी का मौसम भी अब यहाँ आने लगा है,
वो फिर से किसी और को देख कर मुस्कुराने लगा है।
मेरी तलाश का है जुर्म या मेरी वफा का क़सूर,
जो दिल के करीब आया वही बेवफा निकला।
पहले इश्क फिर धोखा फिर बेवफ़ाई,
बड़ी तरकीब से एक शख्स ने तबाह किया।
मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।
बंद कर देना खुली आँखों को मेरी आ के तुम,
अक्स तेरा देख कर कह दे न कोई बेवफा।
हम जमाने में यूँ ही बेवफ़ा मशहूर हो गये दोस्त,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से वफ़ा करते।
मेरी वफा फरेब थी मेरी वफा पे खाक डाल।
तुझसा ही कोई बेवफा तुझको मिले खुदा करे।
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